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लाठी के बल पर कुचले जाते हैं मानवाधिकार: अभिजीत राणे

लाठी के बल पर कुचले जाते हैं मानवाधिकार: अभिजीत राणे



मुंबई. १० दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस गोरेगाव (पश्चिम),, मुंबई में मनाया गया । जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में धड़क कामगार यूनियन के संस्थापक महासचिव अभिजीत राणे जी उपस्थित थे l

इस अवसर पर अभिजीत राणे जी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर साल 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है. दरअसल इसी दिन वर्ष 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव अधिकारों को सार्वभौमिक रूप से मान्य किया था । मानवाधिकार विश्व के समस्त राष्ट्रों के लिए एक गंभीर एवं संवेदनशील विषय है और यही कारण है कि 1965 से लेकर आज तक मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए अनेक अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय घोषणाएं समय-समय पर होती रही हैं। भारत में मानवाधिकार से संबंधित प्रमुख चुनौतियां नस्लीय एवं जातीय भेदभाव, महिला एवं बाल-शोषण, दलितों पर अत्याचार, जेल में कैदियों की अमानवीय स्थिति हैं.



























































































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